menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १३२
chevron_left
chevron_right
महेश्वर उवाच
पिशुनां ये न भाषन्ते मित्रभेदकरीं गिरम् |  २२   क
ऋतां मैत्रीं प्रभाषन्ते ते नराः स्वर्गगामिनः ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति