आदि पर्व  अध्याय १६

सूत उवाच

ततस्तेन सुराः सार्धं समुद्रमुपतस्थिरे |  ८   क
तमूचुरमृतार्थाय़ निर्मथिष्यामहे जलम् ||  ८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति