menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तस्मिन्विनिहते वीरे वाह्लीके पुरुषर्षभे |  १६   क
पुत्रास्तेऽभ्यर्दय़न्भीमं दश दाशरथेः समाः ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति