menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ५२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
वादित्राणि च दिव्यानि जगुश्चाप्सरसां गणाः |  २४   क
न चाहितमनिष्टं वा किञ्चित्तत्र व्यदृश्यत ||  २४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति