menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १३३
chevron_left
chevron_right
महेश्वर उवाच
तत्रासौ विपुलैर्भोगैः सर्वरत्नसमाय़ुतः |  २९   क
यथार्हदाता चार्हेषु धर्मचर्यापरो भवेत् ||  २९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति