menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १३३
chevron_left
chevron_right
महेश्वर उवाच
श्रेय़ांसं मार्गमातिष्ठन्सदा यः पृच्छते द्विजान् |  ५४   क
धर्मान्वेषी गुणाकाङ्क्षी स स्वर्गं समुपाश्नुते ||  ५४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति