menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८०
chevron_left
chevron_right
पुलस्त्य उवाच
सृष्टा कोटिस्तु रुद्राणामृषीणामग्रतः स्थिता |  १२७   क
मय़ा पूर्वतरं दृष्ट इति ते मेनिरे पृथक् ||  १२७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति