menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
दुर्योधनश्च द्रोणश्च शकुनिर्दुर्मुखो जय़ः |  ५४   क
दुःशासनो वृषसेनो मद्रराजस्त्वमेव च |  ५४   ख
सोमदत्तश्च भूरिश्च तथा द्रौणिर्विविंशतिः ||  ५४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति