menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ६२
chevron_left
chevron_right
नारद उवाच
अन्नतः सर्वमेतद्धि यत्किञ्चित्स्थाणु जङ्गमम् |  ३४   क
त्रिषु लोकेषु धर्मार्थमन्नं देय़मतो वुधैः ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति