अनुशासन पर्व  अध्याय १३४

उमो उवाच

इमास्तु नद्यो देवेश सर्वतीर्थोदकैर्युताः |  १२   क
उपस्पर्शनहेतोस्त्वा समीपस्था उपासते ||  १२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति