अनुशासन पर्व  अध्याय १३४

भीष्म उवाच

ज्ञानविज्ञानसम्पन्नानूहापोहविशारदान् |  २७   क
प्रवक्तॄन्पृच्छते योऽन्यान्स वै ना पदमर्च्छति ||  २७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति