menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १३४
chevron_left
chevron_right
महेश्वर उवाच
तेन त्वां परिपृच्छामि धर्मज्ञे धर्मवादिनि |  ६   क
स्त्रीधर्मं श्रोतुमिच्छामि त्वय़ोदाहृतमादितः ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति