वन पर्व  अध्याय १३४

वन्द्यु उवाच

त्रय़ोदशी तिथिरुक्ता महोग्रा; त्रय़ोदशद्वीपवती मही च |  १९   क
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति