menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १३५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
विदुरस्य सुहृत्कश्चित्खनकः कुशलः क्वचित् |  १   क
विविक्ते पाण्डवान्राजन्निदं वचनमव्रवीत् ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति