menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १३५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
शङ्खभृन्नन्दकी चक्री शार्ङ्गधन्वा गदाधरः |  १२०   क
रथाङ्गपाणिरक्षोभ्यः सर्वप्रहरणाय़ुधः ||  १२०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति