menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १३५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
वेदान्तगो व्राह्मणः स्यात्क्षत्रिय़ो विजय़ी भवेत् |  १२३   क
वैश्यो धनसमृद्धः स्याच्छूद्रः सुखमवाप्नुय़ात् ||  १२३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति