menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २०६
chevron_left
chevron_right
गुरुरु उवाच
शुक्रतो रसतश्चैव स्नेहाज्जाय़न्ति जन्तवः |  ११   क
स्वभावात्कर्मय़ोगाद्वा तानुपेक्षेत वुद्धिमान् ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति