menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १३५
chevron_left
chevron_right
लोमश उवाच
यवक्रीः पितरं दृष्ट्वा तपस्विनमसत्कृतम् |  १५   क
दृष्ट्वा च सत्कृतं विप्रै रैभ्यं पुत्रैः सहानघ ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति