उद्योग पर्व  अध्याय १३५

कुन्त्यु उवाच

सर्वधर्मविशेषज्ञां स्नुषां पाण्डोर्महात्मनः |  ११   क
व्रूय़ा माधव कल्याणीं कृष्णां कृष्ण यशस्विनीम् ||  ११   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति