menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय २०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तस्मिन्हते महामात्रे पाञ्चालानां रथर्षभे |  १७   क
अपाय़ाज्जवनैरश्वैर्द्रोणात्त्रस्तो युधिष्ठिरः ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति