उद्योग पर्व  अध्याय १३५

वैशम्पाय़न उवाच

प्रमूढा पृथिवी सर्वा मृत्युपाशसिता कृता |  २६   क
दुर्योधनस्य वालिश्यान्नैतदस्तीति चाव्रुवन् ||  २६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति