आदि पर्व  अध्याय १३६

पौरा ऊचुः

दिष्ट्या त्विदानीं पापात्मा दग्धोऽय़मतिदुर्मतिः |  १३   क
अनागसः सुविश्वस्तान्यो ददाह नरोत्तमान् ||  १३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति