menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
त्वां हि प्राप्य रणे क्षत्रमेकाहादिति भारत |  ४६   क
तप्यमानमसंय़ुक्तं न भवेदिति मे मतिः ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति