menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
अर्थय़ुक्तिमविज्ञाय़ यः शुभे कुरुते मतिम् |  १३७   क
मित्रे वा यदि वा शत्रौ तस्यापि चलिता मतिः ||  १३७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति