menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४५
chevron_left
chevron_right
नारद उवाच
चिरदृष्टोऽसि मे राजन्नागतोऽस्मि तपोवनात् |  ५   क
परिदृष्टानि तीर्थानि गङ्गा चैव मय़ा नृप ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति