menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३३१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
श्वेतद्वीपे मय़ा दृष्टास्तादृशावृषिसत्तमौ |  ३०   क
इति सञ्चिन्त्य मनसा कृत्वा चाभिप्रदक्षिणम् |  ३०   ख
उपोपविविशे तत्र पीठे कुशमय़े शुभे ||  ३०   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति