menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १३७
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
अहो त्वय़ाद्य विप्रेषु भक्तिरागः प्रदर्शितः |  २५   क
यादृशं पृथिवी भूतं तादृशं व्रूहि वै द्विजम् ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति