menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ४९
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यस्य वाहुवले तुल्यः पृथिव्यां नास्ति कश्चन |  १७   क
यो वै सर्वान्महीपालान्वशे चक्रे धनुर्धरः |  १७   ख
तेन वो भीमसेनेन पाण्डवा अभ्ययुञ्जत ||  १७   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति