menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
शरसम्भिन्नगात्रौ तौ सर्वतः शकलीकृतौ |  १२   क
श्वाविधाविव राजेन्द्र व्यदृष्येतां शरक्षतौ ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति