menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तेऽवहन्युय़ुधानं तु मनोमारुतरंहसः |  ४   क
यथेन्द्रं हरय़ो राजन्पुरा दैत्यवधोद्यतम् ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति