menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३३०
chevron_left
chevron_right
श्रीभगवानु उवाच
यदक्षरमथाव्यक्तमीशं लोकस्य भावनम् |  ५७   क
कूटस्थं कर्तृनिर्द्वन्द्वमकर्तेति च यं विदुः ||  ५७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति