menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
व्राह्मणांश्च महीपालान्नानादेशसमागतान् |  १२   क
ततः प्राह महातेजा धृतराष्ट्रो महीपतिः ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति