menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १७१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एवमागमनं तत्र कथय़ित्वा धनञ्जय़ः |  १७   क
भ्रातृभिः सहितः सर्वै रजनीं तामुवास ह ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति