menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १४३
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
ज्योतींषि शुक्लानि च सर्वलोके; त्रय़ो लोका लोकपालास्त्रय़श्च |  २९   क
त्रय़ोऽग्नय़ो व्याहृतय़श्च तिस्रः; सर्वे देवा देवकीपुत्र एव ||  २९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति