वन पर्व  अध्याय १३९

देवा ऊचुः

अनेन तु गुरून्दुःखात्तोषय़ित्वा स्वकर्मणा |  २२   क
कालेन महता क्लेशाद्व्रह्माधिगतमुत्तमम् ||  २२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति