उद्योग पर्व  अध्याय १३९

कर्ण उवाच

धृतराष्ट्रकुले कृष्ण दुर्योधनसमाश्रय़ात् |  १३   क
मय़ा त्रय़ोदश समा भुक्तं राज्यमकण्टकम् ||  १३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति