आदि पर्व  अध्याय १४

सूत उवाच

कालेन महता कद्रूरण्डानां दशतीर्दश |  १२   क
जनय़ामास विप्रेन्द्र द्वे अण्डे विनता तदा ||  १२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति