आदि पर्व  अध्याय १६

सूत उवाच

कौस्तुभश्च मणिर्दिव्य उत्पन्नोऽमृतसम्भवः |  ३५   क
मरीचिविकचः श्रीमान्नाराय़ण उरोगतः ||  ३५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति