menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
किं पुनः पुरुषव्याघ्राः पतय़ो मे नरर्षभाः |  २९   क
समस्तानीन्द्रिय़ाणीव शरीरस्य विचेष्टने ||  २९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति