शान्ति पर्व  अध्याय ३२४

भीष्म उवाच

द्विजोत्तम महाभाग गम्यतां वचनान्मम |  ३१   क
सम्राड्राजा वसुर्नाम धर्मात्मा मां समाश्रितः ||  ३१   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति