menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
अचिन्त्यं मनसाप्यन्यैः सरोभिः समलङ्कृतम् |  ३६   क
विशालैश्चाग्निशरणैर्भूषितं कुशसंवृतम् ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति