menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ७४
chevron_left
chevron_right
कश्यप उवाच
मिथो भेदाद्व्राह्मणक्षत्रिय़ाणां; प्रजा दुःखं दुःसहं चाविशन्ति |  २८   क
एवं ज्ञात्वा कार्य एवेह विद्वा; न्पुरोहितो नैकविद्यो नृपेण ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति