menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १४
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
इत्युक्तास्तेन ते राज्ञा पौरजानपदा जनाः |  १७   क
नोचुर्वाष्पकलाः किञ्चिद्वीक्षां चक्रुः परस्परम् ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति