सभा पर्व  अध्याय १४

भीम उवाच

अनारम्भपरो राजा वल्मीक इव सीदति |  ७   क
दुर्वलश्चानुपाय़ेन वलिनं योऽधितिष्ठति ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति