menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १४
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
तत्र वक्ष्याम्यहं दोषान्यैर्भवानवरोपितः |  ५   क
वीरसेनसुतो यैश्च राज्यात्प्रभ्रंशितः पुरा ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति