menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय १४
chevron_left
chevron_right
द्रौपद्यु उवाच
सन्ति वह्व्यस्तव प्रेष्या राजपुत्रि वशानुगाः |  १५   क
अन्यां प्रेषय़ भद्रं ते स हि मामवमंस्यते ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति