menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १०८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
राजन्वैकर्तनो भीमं क्रुद्धः क्रुद्धमरिन्दमम् |  १७   क
पराक्रान्तं पराक्रम्य विव्याध त्रिंशता शरैः ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति