menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततो विह्वलमानं तं निःश्वसन्तं पुनः पुनः |  ३०   क
शल्यमभ्यपतत्तूर्णं कृतवर्मा महारथः ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति