menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय १४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
जलं दृष्ट्वा प्रधावन्ति क्रोशमानाः परस्परम् |  ५५   क
जलं पीत्वा मृतान्पश्य पिवतोऽन्यांश्च भारत ||  ५५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति