menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
न छन्दय़ामि ते राजन्नापि ते गृहमाव्रजम् |  ७४   क
इहागम्य तु याचित्वा न गृह्णीषे पुनः कथम् ||  ७४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति